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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जैसलमेर में बेल्जियम से जुड़ी ₹5.10 करोड़ की अवैध विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है।

✍ भादरसिंह राजपुरोहित ⌖ जैसलमेर , राजस्थान ◷ 10 min ◷ 22 Sep 2026
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ED के जयपुर जोनल ऑफिस ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत जैसलमेर में दो ठिकानों पर छापेमारी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जैसलमेर में बेल्जियम से जुड़ी ₹5.10 करोड़ की अवैध विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। ED के जयपुर जोनल ऑफिस ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत जैसलमेर में दो ठिकानों पर छापेमारी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:बिना FCRA के फंडिंग: जांच के मुताबिक, जैसलमेर निवासी देऊ राम और उसके सहयोगी ज्ञान चंद को बिना किसी आवश्यक एफसीआरए (FCRA) पंजीकरण के बेल्जियम के ब्रसेल्स स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था ‘अमर एएसबीएल’ (Amar ASBL) से करीब ₹5.10 करोड़ का विदेशी फंड प्राप्त हुआ था।शिक्षा की आड़ में खेल: इस पैसे को कागजों में शैक्षणिक सेवाओं, सांस्कृतिक गतिविधियों, और एनआरआई परिवार के रख-रखाव जैसी मदों में दिखाया गया था। लेकिन असल में, इस भारी रकम का इस्तेमाल स्थानीय और कमजोर वर्ग के लोगों के बीच धर्म प्रचार और धर्मांतरण (Proselytisation) गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।भारी कैश ट्रांजैक्शन: ईडी की जांच में सामने आया कि कुल राशि में से करीब ₹2.60 करोड़ रुपये नकद (कैश) निकाले गए थे, जिनका कोई वित्तीय रिकॉर्ड नहीं रखा गया था।बेल्जियम कनेक्शन: यह संस्था बेल्जियम के दो नागरिकों (जोस गोफिनेट और उनके बेटे सालियन गोफिनेट) द्वारा संचालित की जा रही है, जो पिछले 14-15 सालों से बिना किसी वैध ट्रस्ट या एनजीओ पंजीकरण के जैसलमेर में इस नेटवर्क को चला रहे थे।