लेटेस्ट न्यूज़
पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के जैसलमेर आगमन पर यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री लक्ष्मण सिंह भाटी ने स्वागत कर आत्मीयता व्यक्त की।•जैसलमेर जिला परिषद और पंचायत समिति प्रधान आरक्षण की लॉटरी जारी, देखें सभी 21 वार्डों और 10 समितियों की पूरी सूची•प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जैसलमेर में बेल्जियम से जुड़ी ₹5.10 करोड़ की अवैध विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है।•राजस्थान में मानसून की विदाई शुरू: बारिश का दौर कमजोर, आज सिर्फ 4 जिलों में अलर्ट; जैसलमेर में पारा 40 डिग्री के पार•जैसलमेर में दुर्लभ कैराकाल का सफल रेस्क्यू, रेडियो-कॉलर लगाकर प्राकृतिक आवास में छोड़ा•गुरुग्राम में महिला बाइकर को कार से मारी टक्कर?•दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन सहित छह लोगों को गिरफ्तार•शख़्स के ब्लैडर से निकली तीन किलो की पथरी•स्मृति ईरानी का सियासी कमबैक!•LPG सिलेंडर eKYC का आज आखिरी दिन
Breaking News

दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र जैन सहित छह लोगों को गिरफ्तार

✍ The Bagawat Desk ◷ 10 min ◷ 18 Aug 2026
BREAKING NEWS
एसीबी ने बड़ी दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन और डीजेबी के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय (आईएएस) सहित छह लोगों को किया गिरफ्तार

एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन और Delhi Jal Board के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय (आईएएस) सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

विस्तार

दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के टेंडर में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने मंगलवार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तत्कालीन डीजेबी सीईओ और आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय, बोर्ड के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं।

सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ा
एसीबी के प्रमुख सयुंक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत सिंह के मुताबित, मामला एसटीपी के उन्नयन और क्षमता बढ़ाने के लिए जारी टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता, टेंडर शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें शामिल की गईं, जिनसे एक खास तकनीक और उसके प्रदाता यूरोटेक को तौर पर फायदा हुआ। इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ा। एसीबी ने इस मामले में 11 मई 2024 को एफआईआर दर्ज की थी। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई गई हैं। एजेंसी का दावा है कि मामले में पैसों के पूरे लेन-देन और अपराध से अर्जित रकम की जांच जारी है।

ई-मेल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से खुला खेल…
जांच एजेंसी का दावा है कि निजी पक्षों और सरकारी अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण में प्रतिबंधात्मक टेंडर शर्तों, कॉरिजेंडम और अन्य दस्तावेजों के आदान-प्रदान की बात सामने आई है। एसीबी के अनुसार, बाद में इन्हीं में से कुछ शर्तों को डीजेबी के एसटीपी टेंडर में शामिल किया गया।

तत्कालीन सीईओ के खातें में पहुंचाई गई रिश्वत की रकम…
एसीबी ने दावा किया कि तत्कालीन डीजेबी सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में एएन एंटरप्राइजेज के जरिये करीब 1.52 करोड़ रुपये पहुंचे। जांच में इस रकम को रिश्वत बताया गया है। एजेंसी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। एएन एंटरप्राइजेज के खाते में यह रकम यूरोटेक से जुड़ी संस्थाओं के जरिये पहुंचने की बात भी जांच में सामने आई है।

Photo Credit: Amar Ujala